१
चला कहाँ जाता हूँ , लौट मगर आता हूँ
पूछो पता बताता हूँ, ढूंढ उसे भी लाता हूँ
२
कर्मभूमि परीक्षा लेती , शर्मसार मानवता होती
परिणाम की चिंता होती , तो मैं यह सब न करती
३
क्षत विक्षत तुमने कर डाला , सदियों से तुमने समझाया
बाहर घना तिमिर है गुड़िया , मगर तम में प्रकाश मैंने उगाया
४
इच्छा मेरी क्षीण न होती , मैं , मैं न होती
आज़ाद गगन मेरा होता , और मैं , मैं होती
५
दशा कुछ ठीक नहीं , दिशा बिलकुल ठीक है
करुँगी सब ठीक , मुझे खुद पर यकीन है
६
हालात हाथ हैं नहीं मेरे , तुम भी हाथ न दो
भरोसा स्वयं का है, चाहे तुम साथ न दो
७
दसों दिशा पुकारती , केंद्र में हूँ घूमता
प्रतिकूल है परिस्थति, हूँ मैं झूमता
सत्य यही बिकता है , हूँ यही पूछता
८
बाढ़ अचानक ही आयी थी , हर साल यूँ ही आती है
रिपोर्ट की फाइल खो गई थी , हर साल ही खोती है
९
हवाई दौरा कर लो साहब , जलमग्न धरती देख लो
पैकेज की घोषणा कर देना ,
१०
विकास का ये युद्ध है , नेता प्रतिपक्ष क्रुद्ध है
हार होगी फिर तेरी , सेना मेरी प्रतिबद्ध है
११
जनता को भरमायेंगे। कुछ नए जुमले सुनायेंगे
ऐसा कुछ होगा की हम फिर चुनाव जीत जाएंगे
१२
अपनी गलती मुझपे क्यों कोसते हो , इतने वर्ष आपने क्या किया
सवाल तुम कोई भी पूछोगे, हमारा बस एक जवाब , उन्होंने क्या किया