आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

दुःख का सागर , तले मैं रहती , तुम कब आओगे



१ 
निशा का स्वपन बोझिल था , दिन की याद दिलाता है 
डूबना तो है ही एक दिन , हर दिन क्यों सताता है 
२ 
जहाँ में कोई न हो , हम अकेले है 
सफर लम्बा मगर , हम अकेले है 
३ 
खुद से ही खुद का स्वपन देख लिया , कई परछाइयों का अंत मैंने कर दिया 
कभी कभी लगता है , करता क्या हूँ दिन भर में , सब कुछ मिल तो गया 
४ 
अपनी परेशानी किसको बताते , कहानी अपनी किसको सुनाते 
जहाँ अपने में ही मशगूल था , घाव  पुराना कैसे दिखाते 
५ 
असर इतना तो हो मेरे बातों का , सब्र बेख़ौफ़ रहता है 
कब्र की चिंता नहीं किसी को , अब्र बेख़ौफ़ रहता है 
६ 
तुमने क्या याद दिलाया , बीता लम्हा फिर याद आया 
रुके उसी मोड़ पर थे , जहाँ तुमने हमे हर बार था बुलाया 
७ 
परेशान होने के बहाने ढूँढ़ते हो , दुःख का घर खोज लेते हो 
अजीब कहानी है तुम्हारी , रास्ते में ही रास्ता बाँट देते हो 
८ 
गम की नगरी , उसमे मैं रहती , तुम कब आओगे 
दुःख का सागर , तले मैं रहती , तुम कब आओगे 
९ 
सामने आओ , तोड़ देंगे , मिलो फिर , मोड़ देंगे 
हमारा सच क्यूँ दिखाते हो , तुम्हारी अर्थी जोड़ देंगे 
१० 
अजीब शोषण है , बोलने की मनाही है 
हिंसा और झूठ को , पूरी आज़ादी है 

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