आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

भावनायें सब समझ ले सामनेवाला, ऐसा होता था , मगर अब नहीं होता



१ 
कहाँ किसका,  क्या लिया मैंने , दिया सबको,  सब कुछ दिया मैंने 
परत दर परत,  जाल भावनाओं का उतरता गया , पल में जाना मैंने 
२ 
सुन्दर कोई कहानी , भले हो कितनी पुरानी 
हमारी है दास्तान जॉन , और हमे ही है सुनानी
३ 
कुछ दूर पर सफर ख़त्म होता है , रुकना नहीं है 
मिला जो रास्ते में कहता , आगे रास्ता नहीं है 
४ 
कहाँ आ गए ग़ालिब , दोष किसको दोगे 
अपने साथ छोड़ गए, अब साथ किसका लोगे 
५ 
जुबां कुछ सुनाई नहीं देता , दिखा सूरत, अब कुछ दिखाई नहीं देता 
क़त्ल करने को निकला था घर से, मगर अब कोई रिहाई नहीं देता 
६ 
सदियों राज़ किया दिल्ली पर , हार गए कैसे इस बार 
कलई खुल गई गुनाहों की, भले कहो तुम, झूठ हज़ार बार 
७ 
शाम , दिन और रात का मिलन है , कवि कुछ नहीं कहता 
नयन का कथन नहीं कोई सुनता , रवि कुछ नहीं सुनता 
८ 
रक्त का उद्देश्य समझाये कौन , क़ातिल को इंसानियत बताये कौन 
उन दिनों की बात है ये बरखोदार , अब अपने पराये में फर्क बताये कौन 
९ 
पूरी बात क्यों कही जाए , कुछ तुम भी कबूल करो 
समझ आये या नहीं आये , चर्चा मगर फ़ज़ूल करो 
१० 
नया घर बनाया , लोग पुराने  रह गए 
जगह नया मिला , सोच पुराने  रह गए 
११ 
वृद्ध को, तीर्थ बना दिया बच्चो ने 
चर्चा होगी व्हाट्सप्प पर , नया ग्रुप बना दिया है हमने 
१२ 
पहले कुछ काम नहीं पड़ा तुमसे , मगर अब जो अंत नज़दीक है 
अपने प्रेम का हम परिचय देंगे , जो स्वार्थ के काफी करीब है 
१३ 
हिंसा का एक रूप नहीं होता , कभी-कभी देखा हुआ भी सच नहीं होता 
भावनायें सब समझ ले सामनेवाला, ऐसा होता था , मगर अब नहीं होता 
१४ 
उपकरण अनगिनत आदमी के पास है , कमीं कुछ मगर पूरी नहीं होती 
हर रोज़ एक नया खेल बना लेते है , संख्या खेल की मगर पूरी नहीं होती 
१५ 
करिश्माई जलवा इंसांन का , मौन कर दे सर्वस्व ब्रम्हाण्ड को 
बम , हथियार तो कई है , 

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