आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

गहमा गहमी का दौर

चुनावी माहौल में नेता कुछ विशेष जातियों का भ्रमण कर लाभ प्राप्त करने की चेष्टा करने लगते हैं ,वह विशेष जातियाँ चुनाव जीत जाने के बाद भुला दी जाती हैं। उनके साथ सहभोज की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जाती है जिसमे उनको उनके नाम से नहीं बल्कि जाति से सूचित कर यह बताने का प्रयास किया जाता है कि देखो हमारा बड़प्पन और समाजिक मेलजोल –यह केवल चुनावी मौसम में ही जागृत होता है। अनुभवी नेता हो या फिर मंत्री या नए नेतागण –सभी इसी में लगे रहते हैं कि जातीय समीकरण को साधते हुए चुनाव निपट जाए –अपना थाली गिलास भी लेकर जाते हैं खाने को , एक ने तो पैर भी धोने का नाट्य रूपांतरण किया था। 


कल एक निजी कंपनी के रवैये के बारे में रिपोर्ट पढ़ी ,वह अपने कर्मियों से कैसे कैसे कर वसूलती है ,और कोर्ट में कहती है कि ये हमारे कॉन्ट्रैक्ट पार्टनर हैं कोई परमानेंट कर्मी नहीं ,इसीलिए इन्हे वे सब सुविधाएँ नहीं मिल सकती जो बाकियों को मिलती हैं। उन कर्मियों ने उस कंपनी के ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया था। उन लोगों ने फ्लेक्सिबिलिटी के लिए यह कंपनी के प्लेटफार्म को चुना था ,ताकि अपने सुविधानुसार अपने कार्य करने की आज़ादी हो सके ,मगर आज चीज़े बिलकुल विपरीत हो चुकी हैं। कार चालक से लेकर ब्यूटिशियन तक परेशान हैं। कहने को तो थर्ड पार्टी और मिडिल मेन हटाने आये थे ये ,मगर आज खुद मिडिल मेन बनकर बैठे हैं और वह भी स्टार्ट उप का टैग लगाकर। फाइनेंस/लोन  से जुडी कंपनी का हाल सुनेंगे तो सोमवारी व्रत करना शुरू कर देंगे। 



the मौर्टीनियन फिल्म देखी , एक व्यक्ति बिना कोई आरोपों के १७ सालों तक अनेक जेलों में रखा जाता है ,और अनेक अत्याचार सहता है ,यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका का वॉर ऑन क्राइम का एक सफल उदहारण यह व्यक्ति। बुश से ओबामा आ गए मगर नीतियों में कोई ठोस परिवर्तन नहीं हुआ। बीबीसी फिल्म्स ने इसे प्रोडूस किया है ,देखा जाए तो कहानी अमेरिकी वकील के नज़र से कही जाती है ,उस व्यक्ति की कहानी केवल दृश्यों में नज़र आती है। टार्चर की कहानी ,अमेरीकी मिलिटरी की कहानी , और अमेरिकी कानून की कहानी –कई कहानियाँ चलती हैं इस फिल्म में। 


वैसे अपने यहाँ क्या हाल है ? क्या है वह ?


अलविदा 

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