आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

नए साल का अंत

 नए साल का अंत 

कब होता है नया साल के मुबारकबाद का अंत ,नया साल तो साल के अंत तक चलता ही रहता है ,तो जहाँ तक मुबारकबाद देने की बात है ,तो लोग दिसंबर तक भी मुबारकबाद दे सकते हैं . मगर कल आंटी ने मुबारकबाद दी नए साल की ,तब मैंने कहा कि कोरोना के दौर में क्या नया साल ,पिछले दो साल और आने वाले न जाने कितने साल सभी एक ही जैसे लग रहे हैं ,सभी सालों पर केवल कोरोना का साया है ,हर पल पर कोरोना का साया है ,इसके अलावा कुछ और सूझता ही नहीं है .


तबियत कुछ बिगड़ गई नए साल में ,ठंड का प्रकोप कुछ दवाई खाकर ही कम हो पाया ,तबियत ख़राब होने का केवल मतलब कोरोना होना –ऐसा सोचना आम हो चूका है ,सभी बिमारियों को पछाड़ कर सर्वोच्च स्थान पर काबिज है यह बीमारी ,वैसे ही जैसे इंजीनियर कह देने पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर समझ लेना . कोशिश इसीलिए करता हूँ साफ़ करते रहने की ,दो मुख्य धाराओं में विभाजित हो चुकी है इंजीनियरिंग –सॉफ्टवेयर और बाकी सब .


नानाजी फडणवीस ने हैदर अली के साथ मिलकर अंग्रेज़ों को बाहर भगाने के योजना बना चुके थे ,पर अफ़सोस उसे अंजाम तक नहीं पहुँचा सके ,कंपनी रूल बेहद कमजोर था इस समय ,क़र्ज़ में डूबा और आपसी झगड़े का भरपूर फायदा उठाया जा सकता था . इतिहास दूसरा होता आज . हास्टिंग्स ने ऐसा होने नहीं दिया .


रूम हीटर बनवाकर लाया था परसो ,मगर वह भी मेरी तरह बेवकूफ निकला ,दुकानदार के सामने सफल परिक्षण और घर पहुँचते ही असफल हो गया ,अब एक कोने में पड़ा वापस दुकानदार के पास जाने को तैयार है . और यहाँ ठंड अपनी यथास्थिति कायम कर चुकी है . 


नेताओं की मौज है , कोरोना केसेस बढ़ रहे हैं ,और रैलियाँ भी जोर शोर से बढ़ती जा रही हैं ,कई दल तो मैराथन करवा रहे हैं और स्कूटर बाँट रहे हैं ,अब यह वोट में परिवर्तित होगा कि नहीं यह देखने की बात हैं .



बाकि तो ऊपरवाला सब देख रहा है ,आप भी देखें , शायद कुछ दिख जाए .

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