आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

मानचित्रों का समर्पण

 मानचित्रों का समर्पण 

इंटरनेट के जाल में अपने घोंसले बना लेना आसान है ,बाहर निकल दूसरे पक्षियों से मिलना और उनके बारे में जानना कठिन है। जो मानते हैं ,उसके उदहारण और ऐतिहासिक तथ्य जुटाकर अपना पलड़ा और भारी करते रहें और उसके बोझ से एक दिन स्वयं का अस्तित्व ही डूबों ले। 


कल रात यूँ फ़ोन मिलाया अपने एक रिश्तेदार के यहाँ ,उनके बच्चे ने फ़ोन उठाया ,बच्चों से बात करना कितना सरल है ऐसा कई लोग सोचते हैं ,मगर ऐसा नहीं है। बच्चों से बात करना कठिन कार्य है क्यूँकि वह सीधी बात करते हैं। जो वह बोलते हैं वही उनके मन में होता है ,हमारे तरह नहीं कि बोल कुछ और रहे हैं और मतलब बिलकुल उसके उलट है। 


तो मैंने उससे पुछा कि उसका स्कूल खुल गया ,उसने कहा हाँ, वह तो पिछले सप्ताह से ही स्कूल जा रहा है। तब मैंने पुछा कि क्या टीचर भी आ रहे हैं स्कूल में ? यह सवाल अपने आप में बेवकूफी भरा सवाल है ,और अगर यह किसी और से पुछा गया होता तो शायद कुछ और जवाब होता ,मगर बच्चे ने कहा कि जब स्कूल खुला है और हमलोग जा रहे हैं तो बिना टीचर के तो पढाई कैसे करेंगे ,इसीलिए टीचर तो आयेंगे ही। मुझे अपने बेवकूफी भरे सवाल का अंदाज़ा हुआ। 


अब सवाल पूछने कि उसकी बारी थी ,उसने सीधा सवाल किया कि मैंने फ़ोन किस काम से किया है ,तो मैंने कहा यूँ बस हाल -समाचार के लिये। तब उसने कहा हाल यहाँ सबका ठीक है और फ़ोन कट हो गया। 


तो अंकल आये पड़ोस में कल(पड़ोस में आंटी की तबियत ख़राब थी पिछले सप्ताह तो मैंने कुछ दवाई दी थी ) ,उनसे पुछा मैंने कि अब आंटी की तबियत कैसी है ,उन्होंने कहा कि ठीक है। मैंने पुछा कि का उन्हें डॉक्टर के पास ले गए हैं ,तो उन्होंने कहा नहीं तबियत तो ठीक ही है और कुछ दिन में और ठीक हो जायेगा। आज सुबह देखा वह अभी भी खाँस रही हैं। 



अभ्यास से सफलता मिलती है ,ऐसा कईयों को लगता है ,और यह सत्य भी है कुछ हद तक। मगर जीवन परिवर्तन अनुभव अभ्यास से नहीं किस्मत से होते हैं ,मगर फिर कुछ लोग कहेंगे कि अभ्यास से ही किस्मत जुड़ा है ,आपके निरंतर अभ्यास से ही किस्मत के कुछ बदलने की राह आसान होती है। सच क्या है -वह थोड़ा और अचंभित करने वाला है।  


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