आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

संयम की है कमी , ये तो शुरुआत है अभी



१ कोशिशें हज़ार बार की , एक मुलाक़ात की 
यहीं तो बिछड़े थे , राम और जानकी 
२ 
चलता रहे सफर , ख़त्म न हो ये असर 
बस तुम रहो यहाँ , अब न जाओ उधर 
३ 
दिन की रात से दोस्ती अच्छी नहीं है , यह किसको - किसको समझाये 
फसल इस बार की भी अच्छी नहीं है , नीति निर्माताओ को कौन बताये 
४ 
मुकम्मल हो हर ख्वाब जहाँ , ऐसा एक शहर ढूँढ़ता हूँ 
सब तो अंदर ही है छिपा , व्यर्थ ही इतना सोचता हूँ 
५ 
शरबत समझ सब पी गया , मरा हुआ था , जी गया 
एक ही सपना रोज़ देखता हूँ , कि हर सपना पूरा हो गया 
६ 
क्यूँ रक्षक बने फिरते हो , सबसे बड़ा डर तो तुम्हीं से है 
तुम चले जाओ यहाँ से , सब ओर अँधेरा तुम्हीं से है 
७ 
वीरता का प्रमाण ऑनलाइन ट्वीट कर देता है , अजीब प्रजाति है 
दूसरों पर हो तो ठीक, और जब अपने पर हो तो बड़ी ज़्यादती है 
८ 
शून्य है भविष्य तुम्हारा , ऐसी कामना है मेरी 
जहाँ उम्मीद थी कुछ कहोगे , वहीँ मौन व्रत होती है तेरी 
९ 
सदियों से तुम्हारी गंदगी साफ़ करता आया हूँ , मज़दूर हूँ 
महीनों से वेतन की गुहार करता रहा हूँ , मजबूर हूँ 
१०  
छः महीनें का वेतन बाकी है , अब कब कृपा होगी 
काम करूँ कि हड़ताल करूँ, किंकर्तव्यविमूढ़ता कब दूर होगी  
११ 
उम्मीद कोई नज़र नहीं आती , सब ओर अँधेरा लगता है 
हौसला है गर खुद पर तो , देखो दीया उस ओर रखा है 
१२ 
पहचान मिलती  नहीं बनानी पड़ती है, कठिन सफर है उसका 
जो भी था , पल में सब छीन गया, कैसा कहर है प्रकृति का 
१३ 
डूबती आशाएँ , मुरझाते फूल , जले हुए लोग , तुम समझ पाओगे 
रौशनी की किरण जो है, किसी में भेद नही करती, वैसा बन पाओगे   

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