आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

रात और दिन , मिले एक दिन, दिन और रात , मिले एक रात



१ 
आदमी खिलौना है , दुःख का बिछौना है 
कमीं किसी की देर तक नहीं रहती , वक़्त ने हर ज़ख्म भरना है 
२ 
वहाँ कौन है तेरा , क्यों बताये किसी को 
परिचय जब तक न हो , कैसे बनाये अपना किसी को 
३ 
आदमी मुसाफिर है , कहीं रुकता नहीं है 
कुछ कदम ही दूर मंज़िल थी , अब मगर रेगिस्तान है 
४ 
रात और दिन , मिले एक दिन 
दिन और रात , मिले एक रात 
५ 
समय का जाल , तुम हो क्यों बेहाल 
सच सच देना जवाब , कुछ करने है सवाल 
६ 
धर्म की परत हर नज़र में चढ़ा दी है , अब देखने में मज़ा आएगा 
रुको अभी तो ये सिर्फ ट्रेलर है , पिक्चर कल अखबार में छप आएगा 


७ 
दोनों ओर से थी बगवाते , कमीं शरीफों की थी मोहल्ले में 
बेवक़्त आते हो हर बार द्वार पर,  कैसी भी हो ज़रूरतें 
८ 
आदत से आदत बदल लो , फल आज सभी गिन लो 
बेवकूफ तो एक ही है दुनिया में , जाओ आईने में नज़र कर लो 
९ 
किस का भला करते हो,   और क्या मिल जाता है तुम्हे 
दुरपयोग है सब वक़्त का,  और बेवजह की है सारी जिल्ल्तें 
१० 
अपने आप को क़ैद कर रखा है , धोखा खुद को दे  रहा है 
यह चिल्लाना तो एक लक्षण है , मामला तो कुछ और है 

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