आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

समय के साथ , कोई अच्छी नहीं बात , बंद करो दो यह जज्बात



१ 
शोले भरे है नसों में, आग आज यहाँ लगेगी 
साये में जी रहे है जो , उनकी चिता आज यहाँ जलेगी 
२ 
अपनों से उदास नज़र आते हो ,पहुंचे हुए फ़क़ीर समझ आते हो 
किसको  सुनाया  बर्बादियों  की कहानी , सब तो गरीब नज़र आते है 

बन्दरबाँट होता है वोट  के नाम  पर , ये लोग बदल जायेंगे 
भूल जो है कुछ पलों की , हम सदियों तक चुकायेंगे 
४ 
युद्ध से नहीं बचा जा सकता है , शांति का यही एक रास्ता है   
आग सीने में तुम भी लगाओ , मोक्ष का यही एक रास्ता है      
५ 
आज़ादी हमवतन में ढूँढ़ता है , दुश्मन को दोस्त के शहर में ढूंढ़ता है 
अजीब किस्से है आजकल की बहादुरी के, एक ट्वीट के लिए भारत रत्न माँगता है 
६ 
हर रास्ते पर चल कर देख लिया , कुछ नया हो तो बताओ 
मौत किसको नहीं आनी है , अमर कोई हो तो बताओ 


७ 
बात पे बात करता है , सियासत में  रंज की बात करता है 
भूखे मर रहे है लोग, उनके फैशन सेंस की बात करता है 
८ 
अच्छा ! तो तुम हो , जिसने आग ये फैलाई है  
भले मानुष दिखते हो , किसने तुम्हे भरमाया है 
९ 
व्यवस्था सब अच्छी है , अब उनको बुला लो 
गुज़रा हुआ वक़्त मेरा , ढूँढ कर कहीं से ला दो 
१० 
हर कूचे में इस लाश का नज़ारा होगा , कातिल का भी क़त्ल आज होगा 
तुम लो सहारा कोर्ट और कचहरी का , मगर सच में इंसाफ आज होगा 
११ 
एक दिन एक कहानी सुना रहा था , सपने में ही कुछ बुदबुदा रहा था 
आज़ादी किसको प्यारी नहीं लगती , अपने नौकरो को जाने क्यूँ मार रहा था 


१२ 
किसके भरोसे भविष्य का सपना देखते हो , सब मिथ्या है न !
सच कहूँ तो तुम झूठ ही में सबको सच बताते हो , सब माया है न !
१३ 
कितने जन्मों के बाद तुम्हे यह जीवन मिला है , ज्ञानी कुछ ऐसा ही कहता है 
मज़बूरियों की फसल अच्छी लगी है इस बार , साहूकार भी कुछ ऐसा ही कहता है 
१४ 
गिनती में समाये तो गिनाऊ , बोलने लायक हो तो बताऊ, आपत्ति घोर  है 
हवाई  दौरा तो हर साल करते हो, बाढ़ अभी भी मौजूद  है 
१५ 
तरीके पर नहीं गौर किया, जिया अपने ही तरीकों से 
फैसला हमेशा तुम्हारे हाथ में था, अब आगे बढ़ोगे कैसे 
१६ 
मुद्द्तो बाद फिर एक धोखा हुआ  , नाराज़ मगर कोई नहीं है 
क़र्ज़ तो कारोबारियों का माफ़ हो गया , ट्विटर पर कोई नहीं है 
किसानों पर तो लाठीचार्ज कर दिया , सड़को पर अब कोई नहीं है  


१७ 
योजनाओं का लम्बा फर्रा है पास, आओ खेलो हमसे 
आँकड़ों में उलझा देंगे ऐसा , बच के रहना हमसे 
१८ 
उम्र सारी काट दी , क़र्ज़ उतरता नहीं है 
सच बताओ , कितनों का अभी बोझ बाकी है 
१९ 
अब आओ की सब ख़त्म हो गया , वक़्त भी ठहर कर बैठ गया 
सब तो सरकार ने ही छीन लिया , चोर खाली हाथ वापस लौट गया   

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