कुंठित भावों का उत्तराधिकारी कौन
- Get link
- X
- Other Apps
एक मुश्त हिसाब होता है
सच यूँ ही बर्बाद होता है
२
हिम्मत अपनों ने दिखाई
तब जा के जान में जान आई
३
रोड पर गिरा सवारी
लोगों ने तस्वीर उतारी
४
सर की चोट
कुहनी का दर्द
सीने के घाव
घुटने की छीलन
सबके हिसाब माँगता हूँ
मैं कर्म हूँ
जवाब माँगता हूँ
५
अस्पताल का भोजन
बंद कमरे का जीवन
मरीज़ का पुनरावलोकन
डॉक्टरों का रंग रोगन
बढ़ते बिलों का सेवन
सबके मानी हैं आम जन
५
नियति पलटने की अभिलाषा
अपनों को मारने की जिज्ञासा
अधूरे कार्यों की परिभाषा
६
अनुभवों को सुख और दुःख में बाँटना
गुनाह है
हिम्मत को अपने और पराये में तौलना
गुनाह है
लालच को बला और बल में परखना
गुनाह है
७
अंतहीन पीड़ा का रसायन
रिसते ज़ख्मों का पलायन
किस्मतों का कच्चा जलावन
नियमों का रिश्वतों में पारण
८
उपद्रवियों का उद्घोष
सरकार हुई निर्दोष
आम जन चुप खामोश
९
माननीय का तिरस्कार
टूटी कुर्सी का प्रहार
मुरझाये फूलों का हार
आमजन बेबस -लाचार
१०
लचर व्यवस्था का लाभार्थी कौन
सतत आक्रोश का शरणार्थी कौन
कुंठित भावों का उत्तराधिकारी कौन
- Get link
- X
- Other Apps