आधार निवेश का सम्मोहन

  १  विरोध में जीवन  मृत्यु में संगम  २  आक्रोश का हल  जीवन है सफल  ३  मर्यादा की लड़ाई  मुसीबतों की परछाई  ४  प्रयासों से परिवर्तन  जीवन के मूल्य चिंतन  ५  ऊर्जा की निधि  सम्मान की परिधि  ६  शब्दों के मेल  कर्मों के जेल  ७  विचार परिवार का सम्मलेन  आधार निवेश का सम्मोहन  ८  एक सफल जीवन  छुपा हो केवल चिंतन  ९  न हो कोई अभिलाषा  जीवन की परिभाषा  दुःख में घोर आशा 

जो तेरा मालिक हूँ मैं तो तू मेरा क्रेता है



१ 
दूर कितना है घर तेरा , सफर में शहर हो न जाए कहीं 
मिलने को जो इतना बेताब थे , लो मौत आ गई यहीं 
२ 
निकलकर कहाँ से आ जाता है हर बार , हिम्मत इस बार मत हार 
लोग पूछते रहते है पता तेरा , मैंने कहा भी की अब मान जाओ यार 
३ 
नया कोई रूप तू हर रोज़ बदल लेता है 
जो तेरा मालिक हूँ मैं तो तू मेरा क्रेता है 
४ 
उजाड़कर घर अपना किनारे आ गए 
सफर में कितने सारे तीखे मोड़ आ गए 
५ 
कौन सी आँखों से देखता है तू परिंदों को हर पहर 
छोड़ कर चले गए तेरे तुझको अपने अपने घर
६ 
ऊँची सोच का मालिक तू कभी हुआ करता था 
लोग कहते हैं कि तू कभी खुद पर हँसा करता था 
७ 
एक राह छोड़ दी दूसरी की तलाश में 
पराये मिले हमे अपनों की लिबास में
 ८ 
हमने कहा भी तू अपने बारे में भी तो सोच 
सिर झुकाकर कहने लगा मैं हूँ बड़ा बेखबर 
९ 
परिस्थिति का केवल दोष होता तो तू यहाँ नहीं होता 
इच्छा तेरे अंदर जीने की न होती तो तू आज मरा होता 
१० 
रोक कौन रहा है तुझे तेरे सपने पूरा करने से 
चोरी तूने अपने घर में की पराये के कहने से 
११ 
ऐसा बोलो की कुछ समझ में आये 
क्या पता कल  किस्मत में क्या आये

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